भूलें तो होतीं,
सभी में कमोबेश,
कुछ अलग.
दिखें बड़ी ही,
आसानी से औरों की,
अपनी नहीं.
देखें बुराई,
अपनी ही सदा व,
ख़ूबी औरों की.
पढ़ाया तो ये,
स्कूलों में भी गया है,
सदैव से ही.
भूल जाना भी,
है तो एक बुराई,
सभी के लिए.
तो फिर इसे,
एक जैसा ही देखें,
अपनों में भी.
अपने लिए,
कोई और अलग,
नियम न हो.
अपनी कमी,
दूर करने हेतु,
स्वयं मानें तो.
किन्तु औरों से,
उदारता बरतें,
धैर्य के साथ.
ध्यान ये रखें.
आदत बदलना,
मुश्किल होता.
इसी लिए तो,
कभी क्रोधित न हों,
कमियों पर.
घर में यही,
नियम पालन हो,
दंपत्ति द्वारा.
बच्चों के साथ,
ज़्यादा ही ध्यान रखें,
व्यवहार में.
वरना वे तो,
बिगड़ सकते हैं,
बहुत जल्दी.
गाँठ बाँध लें,
इसके पालन की,
यथा शीघ्र ही.
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